2 years ago
147
रात गंवाई सोय के, दिवस गंवाया खाय । हीरा जन्म अमोल था, कोड़ी बदले जाय...
संत कबीर जी कहते हैं की जो व्यक्ति इस संसार में बिना कोई कर्म किए रात्रि को सो कर और दिन भ...
Kabir Das
2 years ago
166
साधु ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय। सार-सार को गहि रहै थोथा देई उडाय॥
कबीर दास जी कहते हैं की सद्पुरुष के गुण एक सूप के समान होने चाहिए, जैसे सूप केवल अनाज के अ...
Kabir Das
2 years ago
124
साँई इतना दीजिए जामें कुटुंब समाय । मैं भी भूखा ना रहूँ साधु न भुखा जा...
कबीर दास जी भगवान से विनती करते हैं, "हे ईश्वर! मेरे ऊपर इतनी कृपा बनाए रखना कि मेरे परिवा...
Kabir Das
2 years ago
138
जो तोको काँटा बुवै ताहि बोव तू फूल। तोहि फूल को फूल है वाको है तिरसुल॥
कबीरदास जी कहते हैं कि जो तुम्हारे लिए परेशानी या मुसीबत खड़ी करे, तुम उसके आचरण के विरोध...
Kabir Das
2 years ago
192
उठा बगुला प्रेम का तिनका चढ़ा अकास। तिनका तिनके से मिला तिन का तिन के...
यदि कोई निर्बल व्यक्ति भी प्रेम रुपी बगुले का सहारा लेता है किसी को पाने के लिए तो अंततः उ...
Kabir Das
2 years ago
138
सात समंदर की मसि करौं लेखनि सब बनराइ। धरती सब कागद करौं हरि गुण लिखा न...
कबीर दास जी कहते हैं कि यदि मैं इन सातों समंदर को अपनी लेखनी कि स्याही कि तरह और इस धरती क...
Kabir Das
2 years ago
162
बोली एक अनमोल है, जो कोई बोलै जानि। हिये तराजू तौलि के, तब मुख बाहर आन...
कबीर दास जी कहते है कि वाणी एक अमूल्य रत्न है। जो कोई बोल सकता है उसे यह जानना चाहिए। और य...
Kabir Das
2 years ago
133
कबीरा गर्व न कीजिए, कबहुं ना हंसिए कोए । अजहुँ नाव समुद्र में, न जाने...
कभी अपने आप पे घमंड नहीं करना चाहिए और न ही किसी और पर हसना चाहिए। कबीर दास जी कहते है कि...
Kabir Das