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ignorance
2 years ago 227

दुख में सुमिरन सब करें, सुख में करें ना कोए । जो सुख में सुमिरन करे, त...

कबीरदास कहते हैं कि मनुष्य दुःख में उन सभी को याद करता है जो कोई भी उसकी मदद कर सकता है पर...

kabirdas
Kabir Das
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mosque calls
2 years ago 226

कांकर पाथर जोरि के, मस्जिद लेई बनाए । ता चढ़ी मुल्ला बांग दे,क्या बहिर...

कबीरदास सवाल करते हैं की बड़ी मेहनत से कंकड़ों और पत्थरों को जोड़ कर बनी हुई मस्जिद को बनाने...

kabirdas
Kabir Das
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2 years ago 137

मूढ़ मूढाए हरी मिले, तो सब कोई लेते मूढाए । बार-बार के मूढ़ते, भेड़ ना...

अगर सिर मुंडा लेने से हरि मिल सकते होतें तो सभी को अपना-अपना सिर मुंडा लेना चाहिए और यदि ब...

kabirdas
Kabir Das
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birds
2 years ago 147

कबीरा मन पंछी भया, भावे तहाँ आ जाए । जो जैसी संगत करे, सो तैसा फल पाए...

कबीरदास कहते हैं कि मनुष्य का मन पंछी समान होता हैं । जिसे जहॉ पर जाना हो या जिसके साथ जान...

kabirdas
Kabir Das
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2 years ago 120

माटी कहे कुम्हार से, तू क्यों रौंदे मोए । इक दिंन ऐसा आएगा, मैं रौंदूँ...

कबीरदास इस दोहे में मिट्टी को समय की जगह पर रख कर बताते हैं की जिस तरह कुम्हार बर्तन बनाने...

kabirdas
Kabir Das
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wisdom
2 years ago 124

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोया । जो दिल खोजा आपनो, मुझसे बुर...

जग की बुराईयाँ खोजने हेतु अपितु उन्हें कोई बुराई दिखाई ही नही देती है क्योंकि जब वे उन सार...

kabirdas
Kabir Das
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lazy girl
2 years ago 132

काल करे सो आज कर, आज करे सो अब । पल में प्रलय होएगी, बहुरि करेगा कब ॥

मनुष्य को कल पर छोड़े हुए कार्य आज और आज पर छोड़े हुए कार्य अभी समाप्त कर लेने चाहिए । क्यों...

kabirdas
Kabir Das
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2 years ago 119
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जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान । मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो...

kabirdas
Kabir Das
date palm tree
2 years ago 132

बड़ा हुआ तो क्या हुआ,जैसे पेड़ खजूर । पंथी को छाया नहीं,फल लागे अत्ती...

खजूर के पेड़ की भाँति किसी व्यक्ति का बड़े होने का कोई महत्व ही नहीं, क्यूँकि खजूर का पेड़...

kabirdas
Kabir Das
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2 years ago 134
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पाहन पूजे हरि मिले, तो मैं पुंजू पहार । ताते यह चाकी भली,पीस खाए संसार...

kabirdas
Kabir Das
2 years ago 129
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दुख में सुमिरन सब करें, सुख में करें ना कोए । जो सुख में सुमिरन करे, त...

कबीरदास कहते हैं कि मनुष्य दुःख में उन सभी को याद करता है जो कोई भी उसकी मदद कर सकता है पर...

kabirdas
Kabir Das
2 years ago 124
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जब आया तू जगत में, लोग हँसे तू रोए । ऐसी करनी ना करी, पाछे हँसे सब कोए...

kabirdas
Kabir Das
the true king
2 years ago 126

चाह मिटी, चिंता मिटी मनवा बेपरवाह । जिसको कुछ नहीं चाहिए वह शहनशाह॥

कबीरदास जी कहते हैं कि जब से पाने की चाह और चिंता मिट गयी है, तब से मन बेपरवाह हो गया है।...

kabirdas
Kabir Das
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2 years ago 178

माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर । कर का मन का डार दे, मन का मनका फ...

कोई व्यक्ति लम्बे समय तक हाथ में लेकर मोती की माला तो घुमाता है, पर उसके मन का भाव नहीं बद...

kabirdas
Kabir Das
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2 years ago 127
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तिनका कबहुँ ना निंदये, जो पाँव तले होय । कबहुँ उड़ आँखो पड़े, पीर घाने...

कबीर कहते हैं कि एक छोटे से तिनके की भी कभी निंदा न करो जो तुम्हारे पांवों के नीचे दब जाता...

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Kabir Das
Guru and Govind
2 years ago 129

गुरु गोविंद दोनों खड़े, काके लागूं पाँय । बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद दि...

कबीरदास जी सोचते हैं की गुरु और गोविंद रुपी भगवान् दोनों ही मेरे सामने खड़े हैं । मैं पहले...

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Kabir Das
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heed the cries of the humble
2 years ago 134

सुख मे सुमिरन ना किया, दु:ख में करते याद । कह कबीर ता दास की, कौन सुने...

कबीर दास जी कहते हैं कि जब समय अच्छा होता है तो लोग और लोगो को भूल जाते है क्योकि सब कुछ स...

kabirdas
Kabir Das
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everything happens slowly
2 years ago 133

धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय । माली सींचे सौ घड़ा, ॠतु आए फल होय...

अगर कोई माली किसी पेड़ को सौ घड़े पानी से सींचने लगे तब भी फल तो ऋतु आने पर ही लगेगा, आज प...

kabirdas
Kabir Das
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2 years ago 135
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कबीरा ते नर अँध है, गुरु को कहते और । हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे...

kabirdas
Kabir Das
Hope and desire
2 years ago 151

माया मरी न मन मरा, मर-मर गए शरीर । आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबीर ॥

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Kabir Das
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wasting night
2 years ago 142

रात गंवाई सोय के, दिवस गंवाया खाय । हीरा जन्म अमोल था, कोड़ी बदले जाय...

संत कबीर जी कहते हैं की जो व्यक्ति इस संसार में बिना कोई कर्म किए रात्रि को सो कर और दिन भ...

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Kabir Das
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sieve saint
2 years ago 146

साधु ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय। सार-सार को गहि रहै थोथा देई उडाय॥

कबीर दास जी कहते हैं की सद्पुरुष के गुण एक सूप के समान होने चाहिए, जैसे सूप केवल अनाज के अ...

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Kabir Das
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Sai, please
2 years ago 117

साँई इतना दीजिए जामें कुटुंब समाय । मैं भी भूखा ना रहूँ साधु न भुखा जा...

कबीर दास जी भगवान से विनती करते हैं, "हे ईश्वर! मेरे ऊपर इतनी कृपा बनाए रखना कि मेरे परिवा...

kabirdas
Kabir Das
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flower that blooms
2 years ago 132

जो तोको काँटा बुवै ताहि बोव तू फूल। तोहि फूल को फूल है वाको है तिरसुल॥

कबीरदास जी कहते हैं कि जो तुम्हारे लिए परेशानी या मुसीबत खड़ी करे, तुम उसके आचरण के विरोध...

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Kabir Das
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Herons
2 years ago 184

उठा बगुला प्रेम का तिनका चढ़ा अकास। तिनका तिनके से मिला तिन का तिन के...

यदि कोई निर्बल व्यक्ति भी प्रेम रुपी बगुले का सहारा लेता है किसी को पाने के लिए तो अंततः उ...

kabirdas
Kabir Das
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seven seas
2 years ago 131

सात समंदर की मसि करौं लेखनि सब बनराइ। धरती सब कागद करौं हरि गुण लिखा न...

कबीर दास जी कहते हैं कि यदि मैं इन सातों समंदर को अपनी लेखनी कि स्याही कि तरह और इस धरती क...

kabirdas
Kabir Das
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Dialect
2 years ago 143

बोली एक अनमोल है, जो कोई बोलै जानि। हिये तराजू तौलि के, तब मुख बाहर आन...

कबीर दास जी कहते है कि वाणी एक अमूल्य रत्न है। जो कोई बोल सकता है उसे यह जानना चाहिए। और य...

kabirdas
Kabir Das
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2 years ago 126

कबीरा गर्व न कीजिए, कबहुं ना हंसिए कोए । अजहुँ नाव समुद्र में, न जाने...

कभी अपने आप पे घमंड नहीं करना चाहिए और न ही किसी और पर हसना चाहिए। कबीर दास जी कहते है कि...

kabirdas
Kabir Das
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2 years ago 158
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Laxmi Business Inc. 2.0: 5 New Things You Can Expect

As businesses evolve, they must keep up with market demands and innovation. Companies that...

laxmibiz
Laxmi Business Inc
2 years ago 132

These were Bhagat Singh's thoughts on spirituality, studies, injustice

ashucnb
Dr. Rohit Chaurasia (Pt.)
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