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Kabir Das 2 years ago
kabirdas #motivation

कबीरा मन पंछी भया, भावे तहाँ आ जाए । जो जैसी संगत करे, सो तैसा फल पाए ॥

अर्थ : कबीरदास कहते हैं कि मनुष्य का मन पंछी समान होता हैं । जिसे जहॉ पर जाना हो या जिसके साथ जाना होता है, चला जाता है। परन्तु मन यह नही समझता की वह जहाॅ है या जिसके साथ रहना चाहता है, भविष्य मे उसका परिणाम क्या होगा ।

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साँई इतना दीजिए जामें कुटुंब समाय । मैं भी भूखा ना रहूँ साधु न भुखा जाय॥

साँई इतना दीजिए जामें कुटुंब समाय । मैं भी भूखा ना रहूँ साधु न भुखा जा...

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Kabir Das
2 years ago
बड़ा हुआ तो क्या हुआ,जैसे पेड़ खजूर । पंथी को छाया नहीं,फल लागे अत्ती दूर ॥

बड़ा हुआ तो क्या हुआ,जैसे पेड़ खजूर । पंथी को छाया नहीं,फल लागे अत्ती...

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Kabir Das
2 years ago

जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान । मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो...

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Kabir Das
2 years ago
Happy Deepawali 2023 !!

Happy Deepawali 2023 !!

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Dr. Rohit Chaurasia (Pt.)
2 years ago

तिनका कबहुँ ना निंदये, जो पाँव तले होय । कबहुँ उड़ आँखो पड़े, पीर घाने...

कबीर कहते हैं कि एक छोटे से तिनके की भी कभी निंदा न करो जो तुम्हारे पांवों के नीचे दब जाता...

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Kabir Das
2 years ago